दुर्गापुर हिंदी भाषा मंच द्वारा खंडकाव्य का विमोचन

दुर्गापुर(अमन राय): दुर्गापुर हिंदी भाषा मंच द्वारा हिंदी साहित्य की स्थापित कवयित्री श्रीमती रूणा रश्मि दिप्त की सद्य प्रकाशित खंडकाव्य अभिशप्ता का विमोचन19/02/2023, रविवार संध्या 6.30 बजे राम मोहन एवेन्यू स्थित राजेंद्र भवन के सभागृह में संपन्न हुआ| विमोचन के साथ इस खंडकाव्य पर परिचर्चा का भी आयोजन किया गया था| परिचर्चा में भाग लेने वाले इस अंचल के प्रसिद्ध साहित्यकार डाक्टर रविशंकर सिंह, श्री शिव कुमार यादव, डॉ आशुतोष कुमार तिवारी ,श्री विश्वजीत मजूमदार एवं रंजीत कुमार ने भाग लिया | हिंदी साहित्य की सुप्रसिद्ध कवयित्री और बिहार झारखंड की विभिन्न साहित्यिक सांस्कृतिक सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा सम्मानित डॉक्टर ममता बनर्जी मंजरी गिरिडीह झारखंड से परिचर्चा में विशेष रूप से शामिल थी| दुर्गापुर हिंदी भाषा मंच के इस आयोजन में इस्को इस्पात संयंत्र बर्नपुर व दुर्गापुर इस्पात संयत्र दुर्गापुर के निदेशक प्रभारी श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रुप से शुरू से अंत तक उपस्थित रहे | श्री राजीव कुमार, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) इस्को इस्पात संयंत्र तथा अध्यक्ष अखिल भारत सांस्कृतिक परिषद भी इस आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे | श्री जयशंकर ,श्री नीलांशु सिन्हा ,श्री राकेश प्रसाद ,संजीव सिंह कार्यकारी अध्यक्ष अखिल भारतीय सांस्कृतिक परिषद सभी मुख्य महाप्रबंधक, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र , इस विमोचन और परिचर्चा कार्यक्रम में उपस्थित रहे| निदेशक प्रभारी महोदय को पुष्प स्तवक के साथ उत्तरीय प्रदान कर स्मृति चिह्न भेंट दिया गया| विशिष्ट अतिथ श्री राजीव कुमार जी को भी पुष्प स्तवक के साथ उत्तरीय एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया गया| मंच पर आसीन सभी अतिथियों को पुष्प स्तवक और उत्तरीय प्रदान करके सम्मानित किया गया| दुर्गापुर के विभिन्न संस्थाओं जनकल्याण परिषद, जनकल्याण विकास संघ, अखिल भारतीय सांस्कृतिक परिषद के अधिकारी एवं सदस्य इस आयोजन में उपस्थित रहे| इस कार्यक्रम में श्री इंद्र नारायण झा ने आयोजकों और उपस्थित लोगों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया| निदेशक प्रभारी श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने उपस्थित अतिथियों के साथ प्रदीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया| केंद्रीय विद्यालय सीआरपीएफ की छात्रा कुमारी मनोरमा रजक ने सरस्वती वंदना के आधार पर एक सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया | दुर्गापुर हिंदी भाषा मंच के समन्वयक जेपी एनओझा ने स्वागत और उद्घाटन भाषण दिया | मंच की गतिविधियों तथा विमोचन कार्यक्रम की प्रासंगिकता, भाषा और उसके साहित्य के महत्व पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए सभी आगत अतिथियों का स्वागत किया| मंच के महासचिव धर्मेंद्र यादव ने मंच की भावी योजना और इसकी जरूरत की बात कही| हिंदी विद्यालय के छात्रों को निशुल्क कोचिंग देने की अपनी योजना को विस्तार पूर्वक कहा तथा इसके लिए आवश्यक जगह मुहैया कराने की बात कही | इसके बाद कवयित्री रूणा रश्मि दीप्त की सद्य प्रकाशित खंडकाव्य का विमोचन मुख्य रूप से निर्देशक प्रभारी श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने उपस्थित मंचासीन अतिथियों के साथ किया| श्री सिंह ने ऐसी पुस्तकों, हिंदी भाषा और साहित्य की पुस्तक को पढ़ने और इसके प्रचार-प्रसार की जरूरत पर बल दिया| इस प्रकार की भाषा और साहित्यिक कार्यों में अपना भरसक सहयोग करने का आश्वासन दिया | दुर्गापुर में ऐसी साहित्यिक गतिविधियों की प्रशंसा की| तत्पश्चात कवयित्री रूणा रश्मि अपनी पुस्तक की प्रस्तावना और इसमें अंतर्निहित अर्थ और संवेदना पर प्रकाश डाला | श्री शिव कुमार यादव ,डॉ रवि शंकर सिंह, डॉक्टर ममता बनर्जी मंजरी ,डॉ आशुतोष कुमार तिवारी ,विश्वजीत मजूमदार, रंजीत कुमार ने अभिशप्ता खंडकाव्य पर अपने अपने विचार प्रस्तुत किए| कार्यक्रम का संचालन डीएसटीपीएस के हिंदी अधिकारी श्री इस्माइल मियां ने किया |अन्य विद्वत जनों के साथ श्री अजय चौबे श्री जितेंद्र पांडे श्री संजय मिश्र श्री संजीत कुमार श्रीमती शिल्पी मजूमदार श्रीमती वसुंधरा श्रीमती गीता सिंह श्रीमती नविता सिंह श्री उपेंद्र नाथ मिश्रा श्याम कुमार मंडल अजब नारायण सिंह अनुज कुमार भारती उपस्थित थे | उपस्थित सभी लोगों को अल्पाहार प्रदान किया गया| मंच के समन्वयक श्री जेपी एन ओझा ने उपस्थित सभी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में इसी तरह का सहयोग करने की प्रार्थना के साथ कार्यक्रम संपन्न होने की घोषणा की|मंच के इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने और इसे सार्थक करने के लिए निर्देशक प्रभारी श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जिनकी सादर उपस्थिति कार्यक्रम के शुरू से अंत तक रही|| आभार व्यक्त करता हूं श्री राजीव कुमार जी का जो बर्नपुर से आकर हमारे इस कार्यक्रम में आदि से लेकर अंत तक उपस्थित रहे | डॉ ममता बनर्जी मंजरी यों तो मंंच की माननीया सदस्या ही है, फिर भी गिरिडीह झारखंड से आकर इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता करना अपने आप में एक विशेष स्थान रखता है | मैं मंच के सभी सदस्यों अधिकारी वृंद श्री विश्वजीत मजूमदार श्री उपेंद्र नाथ मिश्रा श्री इस्माइल मियां श्री श्याम कुमार मंडल डॉक्टर प्रदीप यादव श्रीमती श्वेता देब,श्रीमती श्वेता अग्रवाल सचिव श्री धर्मेंद्र यादव , जिनके सहयोग एवं समर्थन से यह कार्यक्रम सुंदर ढंग से संपन्न हुआ, हृदय से धन्यवाद और बधाई देता हूँ| मैं बिटिया मनोरमा रजक को अपनी शुभकामनाएं और आशीर्वाद देता हूँ जिसने अपने सरस्वति भाव नृत्य द्वारा मंच पर मां सरस्वति का आवाहन किया| श्रीमती रूणा रश्मि दीप्त जी तो हर बधाई से ऊपर हैं क्योंकि वही इस कार्यक्रम की हेतु रही हैं|यदि वह अपनी साहित्यिक संवेदना को घनीभूत कर अभिशप्ता खंडकाव्य का जन्म न देतीं तो यह आयोजन भी नहीं होता और अंत में मैं उन सभी आदरणीय व प्रिय व्यक्तियों एवं संस्थाओं का भी आभारी हूँ जिनका नाम यहाँ मेरी गलती से छुट गया है|
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